कवर्धा विशेष

धान खरीदी में बड़ा खेल: कुकदूर उपार्जन केंद्र से 628 क्विंटल धान गायब

जांच में 15 लाख रुपए से ज्यादा का स्टॉक कम, पूरे सिस्टम पर उठे सवाल

कवर्धा | कबीरधाम जिले में धान खरीदी की व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंडरिया विकासखंड के कुकदूर धान उपार्जन केंद्र में जिला स्तरीय जांच के दौरान 628 क्विंटल धान कम पाया गया। कागजों में दर्ज यह धान न तो गोदाम में मिला और न ही भौतिक स्टॉक से उसका कोई मिलान हो सका।

जांच में सामने आया कि करीब 15 लाख रुपए से अधिक मूल्य का धान खरीदी केंद्र से बाहर जा चुका है। प्रशासनिक रिकॉर्ड में दर्ज धान का इस तरह गायब होना महज लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।

बिना मिलीभगत कैसे निकला धान?

धान खरीदी की प्रक्रिया में समिति प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर, नोडल अधिकारी, परिवहन एजेंसी और निरीक्षण तंत्र की भूमिका होती है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी बड़ी मात्रा में धान बिना अंदरूनी मिलीभगत के आखिर कैसे बाहर गया?

केंद्र प्रभारी पर एफआईआर, लेकिन जांच कहां तक पहुंचेगी?

मामले में केंद्र प्रभारी अमित बाजपेई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि, यह कार्रवाई भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुंचेगी या फिर एक नाम जोड़कर मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा, इस पर अब भी संशय बना हुआ है।

प्रशासन का दावा है कि धान खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी की जा रही है, लेकिन कुकदूर उपार्जन केंद्र से सामने आया यह मामला पूरे खरीदी तंत्र की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा रहा है।


Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

Discover more from THE PUBLIC NEWS

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading